महाविकास आघाड़ी में भिवंडी लोकसभा सीट पर दो प्रत्याशियों के बीच चल रहे रस्साकशी के बीच अब तीसरे मजबूत प्रत्याशी ने इस सीट से टिकट मांगने के बाद यहां पर मामला रोचक बनता जा रहा है.
पहले कांग्रेस से दयानंद चोरघे और एनसीपी से सुरेश म्हात्रे उर्फ बाल्या मामा यह दोनों भिवंडी लोकसभा से टिकट के लिए संघर्ष कर रहे थे और इन दोनों मेंसे टिकट किसे दिया जाए इस पर दोनों पार्टियों के वरिष्ठ नेता भी एक दूसरे से यह सीट हमें मिले यह चर्चा कर रहे थे।
इस बीच अब इस सीट को लेकर कांग्रेस के पास एक और मजबूत कैंडिडेट मिलने निलेश सांबरे के मिलने के बाद अब कांग्रेस ने इस सीट को अपने पास से जाने नहीं देना चाहती है और वह निलेश सांबरे के लिए पूरी तरह फील्डिंग लगाकर रखी हुई है.
सूत्रों की माने तो निलेश सांबरे ने जब से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की है तब से कांग्रेस का यहां से हिम्मत ताकत और बढ़ते दिख रही है और पार्टी चाहती है की भिवंडी लोकसभा सीट जो उनकी पारंपरिक सीट है वह उन्हें ही मिले और यहां से निलेश सांबरे को प्रत्याशी बनाया जाए ताकि वह दो बार से भाजपा के स्थानीय सांसद कपिल पाटिल को भिवंडी लोकसभा से शिकस्त दे सके.

आपको बता दे दयानद चोरघे जो कि भिवंडी में रहते है उन्हे भिवंडी लोकसभा सीट में आनेवाले 6 विधानसभा छेत्र में से सिर्फ तीन भिवंडी शहर और ग्रामीण के लोग ही जानते है जबकि भिवंडी के बाहर शायद ही उन्हे कोई जानता है. जबकी चोरघे से ज्यादा पॉपुलर सुरेश महात्रे है.

जिनका भिवंडी के अलावा कुछ हद तक शाहपुर और कल्याण पश्चिम विधानसभा में पकड़ है. जबकि निलेश सांबरे का भिवंडी लोकसभा के सभी 6 विधानसभा इलाके में पकड़ है. इसलिए उनके लिए कांग्रेस के भी बड़े नेता यह टिकट खुदके पास रहे इसके लिए प्रयत्न कर रहे है.
लेकिन राजनीतिक जानकारों की माने तो सांबरे के लिए चुनाव जीतना कोई आसान बात नहीं होगी क्योंकि अगर कांग्रेस सांबरे को प्रत्याशी बनाती है तो यहां से इच्छुक उम्मीदवार दयानंद चोरघे या फिर पुराने कांग्रेसी सांबरे के लिए प्रचार करेंगे या नहीं यह एक बडा प्रश्न चिन्ह होगा.
कौन है निलेश सांबरे?
